इतिहास

मध्य प्रदेश का एक प्राचीन शहर और एक पवित्र स्थान, शिवपुरी को पहले सिपरी के नाम से जाना जाता था। इस जगह का इतिहास मुगल काल से है। शिवपुरी के घने जंगल एक समय में शाही शिकार के मैदान थे। समुद्र तल से 478 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह शहर सभी विदेशी आकर्षणों में से एक है, जो इसे पर्यटकों के लिए एक बहुत ही शांतिपूर्ण गंतव्य बनाता है।

पौराणिक कथा के अनुसार,  इस शहर का नाम भगवान शिव के नाम पर रखा गया है। 1804 तक यह शहर कच्छवाहा राजपूतों के स्वर्ग के रूप में  जाना जाता था। उसके बाद यहाँ सिंधिया राजवंश द्वारा शासन किया गया। इसके अलावा शिवपुरी स्वतंत्रता संग्राम से भी महत्व रखता है क्योंकि यह वह स्थान है जहां महान स्वतंत्रता सेनानी तात्या टोपे जी को  फांसी दी गई थी।

शिवपुरी के जंगलों में पहले मुगल सम्राटों के शिकार क्षेत्र थे।चाहे आप अवकाश या साहसिक दौरे पर हों, आप रोमांचकारी वन्यजीवन और ऐतिहासिक स्थानों के बीच यात्रा को पसंद करेंगे।

रोचक तथ्य:-

    • शिवपुरी ग्वालियर और झांसी के बीच एक नेचर गेटवे है|
    •  यह खूबसूरत शहर एक समय ग्वालियर के सिंधिया शासकों की ग्रीष्मकालीन राजधानी थी और इसके घने जंगल शिकार क्षेत्र थे|
    • शिवपुरी पक्षियों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य है और कई पर्यटक पक्षियों की विशाल प्रजातियों को देखने के लिए यहां आते हैं।